रोएटर्ज़ की रिपोर्ट के अनुसार मार्क एस्पर ने कहा है कि वाॅशिंग्टन, उत्तरी कोरिया के संपूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण और उसके परमाणु हथियारों के सत्यापन के बारे में अपने रुख़ पर अडिग है। उन्होंने कहा कि अमरीकी सेना की ज़िम्मेदारी है कि वह अपने आपको उत्तरी कोरिया के मुक़ाबले में अलर्ट स्थिति में रखे। अमरीकी रक्षा मंत्री ने इसी तरह दावा किया कि कूटनीति, वाॅशिंग्टन और प्योंगयांग के संबंध में पैदा होने वाली बंद गली को खोल सकती है।
अमरीका के साथ परमाणु वार्ता शुरू होने के कई महीने बाद तक उत्तरी कोरिया ने अपने परमाणु व मीज़ाइल परीक्षणों को रोक रखा था लेकिन वार्ता की नाकामी के बाद उसने अपने परमाणु व मीज़ाइल कार्यक्रम को आगे बढ़ाने की दिशा में कई क़दम उठाए हैं। उत्तरी कोरिया के नेता किम जोंग ऊन और अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प जून 2018 से अब तक तीन बार मुलाक़ात कर चुके हैं लेकिन इन मुलाक़ातों का कोई परिणाम नहीं निकला है। उत्तरी कोरिया का कहना है कि अमरीका अपने वादों का पालन नहीं कर रहा है और यही दोनों देशों के बीच वार्ता की नाकामी की मुख्य वजह है।